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🥥 एक नारियल — पाँच सिक्के। कंजूस उडंका ने सोचा, "और सस्ता मिलेगा!" फिर क्या हुआ? कोसों चला, पेड़ पर चढ़ा, हाथी से भी लटका — और आखिर में? हज़ार सिक्के गँवाए!
😄 सुधा अम्मा की यह कहानी हँसी के साथ एक बड़ी बात सिखाती है। 💬 पूछें: "तुम उडंका की जगह होते तो क्या करते?"