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🐴 राजेश्वर और लक्ष्मण अपने प्यारे घोड़े पवन के साथ मेला देखने निकले। रास्ते में हर किसी ने कुछ न कुछ कहा — "बेटा क्यों बैठा है?", "बाप क्यों बैठा है?", "बेचारा घोड़ा!"
सबकी बात मानते-मानते उन्होंने घोड़े को कंधे पर उठा लिया — और फिर हुआ कुछ ऐसा कि घोड़ा भी गया!
✨ ये कहानी बच्चों को सिखाती है कि अपनी सोच पर भरोसा रखना कितना ज़रूरी है। जब हम जीवन में कुछ करने का प्रयास करते है तो सभी लोग कुछ ना कुछ राय देते है, लेकिन सबकी राय को बिना सोचे समझे इस्तेमाल करने से क्या हो सकता है, आइए देखते है ! बड़ों की बातें सुनने से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं — दादी - नानी की कहानियाँ सचमुच सबसे खास होती हैं ।
💬 देखने के बाद पूछिए: अगर सब अलग-अलग बातें बोलें तो तुम क्या करोगे? और कैसे चुनोगे की तुम्हें क्या करना चाहिए. अपने निर्णय लेने की क्षमता का विकास कैसे करना चाहिए. कई बार हम क्यों किसी के कहने से बिना सोचे समझे कोई काम करने लगते है, और फिर क्या उस काम में गड़बड़ होने पर वो लोग उस निर्णय की जिम्मेदारी लेने आते है ? जीवन में अपने निर्णय लेने की क्षमता का विकास Youtube और Netflix से होता है या Wetclay से !